सागर। जिले की बण्डा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चन्दोख में शासकीय चरनोई भूमि पर कथित अतिक्रमण और अवैध उत्खनन के आरोपों को लेकर राजस्व विभाग हरकत में आया है। मंगलवार को नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक एवं हल्का पटवारी ने गांव पहुंचकर मौके का निरीक्षण किया। हालांकि पूरे मामले में कई सवाल उठ रहे हैं । ग्रामीणों के साथ सूत्र भी जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

सूत्रों का दावा है कि निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत की सरपंच इमरती बाई के पति सरवन जाटव ने राजस्व टीम को यह जानकारी दी कि पंचायत द्वारा खुदवाए गए तालाब और कुएं से निकली मुरम का उपयोग किया गया है। लेकिन सूत्रों का आरोप है कि जिस कुएं और तालाब का हवाला दिया गया, उसकी वास्तविक स्थिति और दस्तावेजी जानकारी में अंतर है। बताया जा रहा है कि कागजों में जिस कुएं को मुक्तिधाम के समीप दर्शाया गया है, वह वास्तविक रूप से करीब 2 हजार वर्गफुट दूर स्थित है, जो जांच का विषय बन सकता है।
यह भी आरोप लग रहे है कि इस संबंध में ग्रामीणों के बयान भी नहीं लिए गए है।आरोप है कि चरनोई भूमि पर तालाब निर्माण के नाम पर खनन कराया गया और इसके बाद भूमि पर बेजा कब्जा की स्थिति भी निर्मित हुई। सूत्रों के अनुसार यह भी जानकारी सामने आ रही है कि करीब 8 से 10 एकड़ चरनोई भूमि पर सरपंच पति ने अपने प्रभाव का उपयोग कर बेजाकब्जा किया है। ।
यह भी कहा जा रहा है कि जिस क्षेत्र में कथित बेजाकब्जा किया गया है, वहां से पहले ग्रामीणों के लिएआवागमन का बड़ा सार्वजनिक मार्ग था। आरोप है कि बाद में बाउंड्रीवाल निर्माण कर रास्ते को सीमित कर दिया गया और अब केवल लगभग पांच फुट का मार्ग छोड़ा गया है।हालांकि सरपंच पति सरवन जाटव ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है।लेकिन वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद सामने आएगी

जानकारी के अनुसार ग्राम चन्दोख में मध्यप्रदेश शासन के नाम दर्ज खसरा क्रमांक 44/1 का क्षेत्रफल 26.4100 हेक्टेयर है। यह भूमि शासकीय अभिलेखों में सुरक्षित श्रेणी में दर्ज है। इसके आसपास की बड़ी मात्रा में शासकीय भूमि के नाम से राजस्व अभिलेख में दर्ज है, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि यह क्षेत्र लगातार अतिक्रमण और अवैध उत्खनन की चपेट में है।
अब भी सभी को पता है कि चरनोई एवं शासकीय भूमि की सुरक्षा की जिम्मेदारी राजस्व विभाग और ग्राम पंचायत की है।लेकिन अब तक अवैध उत्खनन और अतिक्रमण को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और न ही कथित अतिक्रमणकर्ताओं को नोटिस जारी किए गए। ऐसे में हल्का पटवारी की भूमिका भी सवालों के घेरे में बताई जा रही है।

मामले में पक्ष जानने के लिए नायब तहसीलदार मोहित जैन और संबंधित हल्का के पटवारी अमनदीप से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।

वहीं सरपंच पति सरवन जाटव ने कहा कि ग्राम की लगभग 165 एकड़ चरनोई भूमि में से अधिकांश हिस्से पर विभिन्न लोगों का अतिक्रमण है। उन्होंने कहा कि किसके द्वारा अतिक्रमण किया गया है, इसकी जानकारी पटवारी से प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनके द्वारा कोई अतिक्रमण नहीं किया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और पटवारी मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे थे।

अब ग्रामीणों की निगाहें राजस्व विभाग की आगामी कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि चरनोई भूमि पर हुए कथित अतिक्रमण और उत्खनन के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
जांच के बाद होगी स्थिति साफ
ग्राम चन्दोख में चरनोई भूमि में खनन और अतिक्रमण को लेकर सामने आई मीडिया रिपोर्ट के बाद जांच टीम मौका मुआयना करने गई थी।जांच रिपोर्ट आने के बाद सारी स्थिति सामने आएगी।इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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