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मां सिद्धेश्वरी देवी मंदिर में नवमी पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, रामलीला में लक्ष्मण जी को लगी शक्ति तो संजीवनी लेकर पहुंचे हनुमान जी

सागर उदय, सागर

शारदीय नवरात्रि की नवमी के पावन अवसर पर मकरोनिया स्थित श्री सिद्धेश्वरी देवी मंदिर में मां दुर्गा के नवम स्वरूप मां सिद्धिदात्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई माता रानी के दर्शन और पूजन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा दिनभर मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और श्रद्धालुओं ने मां के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।

मकरोनिया थाना के बाजू में एमपीईबी परिसर स्थित श्री सिद्धेश्वरी देवी मंदिर में सभी धार्मिक अनुष्ठान मंदिर के पुजारी पंडित अवधेश महाराज के सानिध्य में संपन्न हो रहे हैं मुख्य यजमान देवेन्द्र कुर्मी मुकद्दम सपत्नीक धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होकर विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर रहे हैं।

रामलीला में संजीवनी बूटी का प्रसंग देख भाव-विभोर हुए श्रद्धालु

नवरात्रि के अवसर पर मंदिर परिसर में प्रयागराज से आई रामलीला कमेटी द्वारा पंडित भगवान प्रसाद पाण्डेय एवं उनके साथियों के निर्देशन में रामलीला का मंचन किया जा रहा है नवमी के दिन रामलीला में भगवान श्रीराम और रावण की सेना के बीच युद्ध के दौरान मेघनाद द्वारा भगवान लक्ष्मण जी को शक्ति लगने तथा उनके मूर्छित होने का प्रसंग प्रस्तुत किया गया इसके बाद भगवान हनुमान जी द्वारा लक्ष्मण जी के प्राण बचाने के लिए संजीवनी बूटी लाने के दृश्य का भावपूर्ण मंचन किया गया।

कलाकारों ने अपने अभिनय के माध्यम से रामायण के इस महत्वपूर्ण प्रसंग को जीवंत कर दिया। मंचन के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर नजर आए और भगवान श्रीराम एवं हनुमान जी के जयकारों से मंदिर परिसर गूंज उठा।

विलुप्त होती रामलीला की परंपरा को जीवंत कर रहे कलाकार

रामलीला के मंचन को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। पारंपरिक शैली में प्रस्तुत किए जा रहे रामायण के प्रसंगों को देखकर दर्शक उत्साहित हैं। रामलीला के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और मयार्दा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों से परिचित होने का अवसर मिल रहा है।

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