एथेनॉल चावल मामले की प्रारंभिक जांच में राइस मिलर और कंपनी की भूमिका उजागर

बालाघाट प्रकरण: एफसीआई के चावल की हेराफेरी में राज्य सरकार का कोई संबंध नहीं

सागर उदय, सागर
प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने स्पष्ट किया है कि बालाघाट जिले में एथेनॉल उत्पादन हेतु भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई, भारत सरकार का उपक्रम) द्वारा प्रदाय किए गए चावल की कथित हेराफेरी के मामले में मध्यप्रदेश खाद्य विभाग एवं मध्यप्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम की न तो कोई भूमिका है और न ही उनका इस प्रकरण से कोई संबंध है।
खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन योजना भारत सरकार की योजना है। इसके अंतर्गत भारतीय खाद्य निगम द्वारा भारत सरकार की निर्धारित दरों पर एथेनॉल निमार्ता कंपनियों को चावल उपलब्ध कराया जाता है। इसके पश्चात एथेनॉल निमार्ता भारत सरकार की तेल विपणन कंपनियों को एथेनॉल की आपूर्ति करते हैं। इस संपूर्ण व्यवस्था में चावल का आवंटन, मूल्य निर्धारण, परिवहन एवं संचालन संबंधी सभी प्रक्रियाएं केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा संचालित की जाती हैं। राज्य सरकार अथवा उसकी किसी संस्था की इसमें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका नहीं होती।
उन्होंने बताया कि बालाघाट जिले में प्राप्त शिकायत के बाद कलेक्टर द्वारा कराई गई जांच में एफसीआई द्वारा एवीजे एग्रिको प्राइवेट लिमिटेड, बोरगांव (जिला छिंदवाड़ा) को एथेनॉल उत्पादन के लिए प्रदाय किया गया 242.55 क्विंटल (490 बोरी) चावल ट्रक क्रमांक सीजी 04-जेडी 3147 में संचेती राइस मिल, वारासिवनी (जिला बालाघाट) के परिसर में पाया गया। प्रथम दृष्टया चावल के व्यपवर्तन की पुष्टि होने पर एवीजे एग्रिको प्राइवेट लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि तथा संचेती राइस मिल के संचालक के विरुद्ध वारासिवनी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। राज्य सरकार पुलिस जांच में पूर्ण सहयोग प्रदान कर रही है।
श्री राजपूत ने कहा कि प्रारंभिक जांच में एथेनॉल उत्पादन के लिए एफसीआई द्वारा उपलब्ध कराए गए टीटी चावल की कथित हेराफेरी में संबंधित एथेनॉल निमार्ता कंपनी एवं राइस मिलर की भूमिका सामने आई है। इसलिए इस प्रकरण को खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम अथवा राज्य सरकार के किसी विभाग से जोड़ना पूरी तरह भ्रामक एवं तथ्यहीन है। श्री राजपूत ने कहा कि एथेनॉल उत्पादन के लिए प्रदाय किए जाने वाले चावल में होने वाली किसी प्रकार की गड़बड़ी रोकने तथा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रहलाद जोशी को पत्र लिखकर अविलंब कार्रवाई का अनुरोध किया है। खाद्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। जो भी व्यक्ति अथवा संस्था दोषी पाई जाएगी, उसके विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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