सामाजिक अधिकारिता शिविर में 246 दिव्यांग बच्चों को सहायक उपकरण एवं किट प्रदान कर लाभान्वित किया

आज जिस बच्चे को आप कमजोर समझ रहे हैं, कल वही देश का नाम रोशन करेगा: महापौर संगीता सुशील तिवारी

सागर उदय, सागर
भारत सरकार की राष्ट्रीय वयोश्री एवं एडिप योजना के अंतर्गत आयोजित सामाजिक अधिकारिता शिविर में महापौर श्रीमती संगीता सुशील तिवारी ने 246 दिव्यांग बच्चों एवं दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं आवश्यक किटों का वितरण कर लाभान्वित किया।
कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा पैनलिस्ट रिशांक तिवारी सहित विभिन्न सामाजिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर ने कहा कि यह केवल उपकरण वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि दिव्यांग बच्चों के जीवन मेंआत्मविश्वास, सम्मान और नई संभावनाओं का संचार करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि ये बच्चे किसी भी दृष्टि से कमजोर नहीं हैं, बल्कि विशेष प्रतिभा और दिव्य शक्ति से संपन्न हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए ह्लदिव्यांगह्व शब्द का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी कमी सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती।
शिविर में दिव्यांग बच्चों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, बैसाखी, श्रवण यंत्र, स्मार्ट केन, ब्रेल किट तथा कैलिपर्स सहित विभिन्न सहायक उपकरण प्रदान किए गए। महापौर ने कहा कि ये उपकरण केवल सामग्री नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को गति देने का माध्यम हैं। इससे उनकी शिक्षा, आवागमन और दैनिक जीवन अधिक सुगम होगा।
महापौर ने कहा कि केंद्र सरकार की एडिप एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण योजनाओं के माध्यम से देशभर में लाखों दिव्यांगजनों को लाभान्वित किया गया है। सागर नगर निगम भी दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण और सामाजिक समावेशन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि केवल उपकरण वितरित कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके उपयोग, रखरखाव और नियमित फॉलोअप की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अभिभावकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दिव्यांग बच्चों को घर की चारदीवारी तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें शिक्षा, खेल और सामाजिकगतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि आज जिन बच्चों को समाज कमजोर समझता है, वही भविष्य में प्रदेश और देश का गौरव बन सकते हैं। उन्होंने दिव्यांग क्रिकेट टीमों और पैरा ओलंपिक खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बच्चों को प्रेरित किया।
समाज से सहयोग की अपील करते हुए महापौर ने कहा कि दिव्यांगजनों को दया नहीं, बल्कि सम्मान और समान अवसर दिए जाने चाहिए। सार्वजनिक स्थलों पर रैंप, दिव्यांग अनुकूल शौचालय तथा सुगम सुविधाओं का विकास समय की आवश्यकता है। उन्होंने प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों से प्रत्येक सरकारी भवन, विद्यालय और अस्पताल को दिव्यांग अनुकूल बनाने की दिशा में प्राथमिकता से कार्य करने का आह्वान किया।
महापौर ने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियां सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बनतीं। उन्होंने प्रसिद्ध वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग और एवरेस्ट विजेता अरुणिमा सिन्हा के उदाहरण देते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। उन्होंने बच्चों से शिक्षा प्राप्त कर आत्मनिर्भर बनने तथा देश और समाज के लिए प्रेरणा बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सभी दानदाताओं, सामाजिक संस्थाओं एवं नगर निगम की टीम का आभार व्यक्त करते हुए सागर को दिव्यांग मित्र शहर बनाने का संकल्प दोहराया, जहां प्रत्येक दिव्यांगजन को समान अधिकार, सम्मान और अवसर प्राप्त हो सकें।
इस अवसर पर समाजसेवी डॉ. निवेदिता रत्नाकर, आयुष अधिकारी, डॉ. राजुल सिंघई, भाजपा नेत्री श्रीमती संध्या भार्गव, श्रीमती शालिनी तिवारी, संयुक्त संचालक डॉ डी एस यादव,सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, डीडीआरसी के प्रशासनिक अधिकारी श्री शानु हर्षे सहित बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Related Post

सरस्वती शिशु मंदिर रहली में भव्यता के साथ संपन्न हुआ सामूहिक ‘वंदे मातरम् गायन कार्यक्रम
रहली।  सरस्वती शिशु मंदिर में विद्याभारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान, नई दिल्ली द्वारा संचालित नमामि…

Discover more from

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading