विद्यार्थियों में कौशल विकास ही आत्मनिर्भरता की कुंजी है : डॉ. सरोज गुप्ता

अग्रणी कॉलेज में विवेकानंद  प्रकोष्ठ के अंतर्गत  रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों का हो रहा है सफल संचालन

सागर उदय, सागर

पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय सागर में स्वामी विवेकानंद कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में अल्पकालिक रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सुचारु एवं सफल संचालन किया जा रहा है। इस योजनाबद्ध अभियान के तहत महाविद्यालयीन छात्र-छात्राओं को कपड़े के बैग निर्माण (सिलाई एवं डिजाइनिंग), व्यक्तित्व विकास (पर्सनैलिटी डेवलपमेंट) तथा पारंपरिक लोक नृत्य का गहन व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।

इन बहुआयामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की अंतरनिहित प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनके कौशल संवर्धन (स्किल डेवलपमेंट) के जरिए उन्हें आत्मनिर्भर व स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है। शिविर में छात्र-छात्राएं अत्यधिक उत्साह के साथ सहभागिता कर रहे हैं और आधुनिक दौर की आवश्यकताओं के अनुरूप विविध विधाओं को सीख रहे हैं।

महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरोज गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में संचालित इन प्रशिक्षणों से विद्यार्थियों में नया आत्मविश्वास देखने को मिल रहा है। प्राचार्य डॉ. गुप्ता ने कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक एवं हुनर आधारित शिक्षा आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और रोजगारपरक क्षमता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ऐसे गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण आयोजित किए जाते रहेंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम की प्रभारी डॉ. प्रतिभा जैन द्वारा विद्यार्थियों को सतत मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के सुचारु संचालन में महाविद्यालयीन स्टाफ एवं कैरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ की पूरी टीम का सक्रिय योगदान बना हुआ है।

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