27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ शुभारंभ
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27 सितंबर से 3 अक्टूबर तक आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ शुभारंभ
श्रीमद्भागवत मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शक है : कथा व्यास पं. महेन्द्र प्रसाद दुबे
सागर उदय संवाददाता, सागर
धर्म, आध्यात्म और भक्ति के प्रति श्रद्धा एवं आस्था को समर्पित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ रविवार को बालक हिल व्यू कॉलोनी, शिवाजी नगर वार्ड, सागर में कलश यात्रा के साथ हुआ। स्मृतिशेष पं. विष्णुदत्त तिवारी की स्मृति में आयोजित इस श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन 27 सितंबर से 3 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है।
कथा के प्रथम दिवस श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान के साथ कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। भक्तिमय वातावरण में निकली कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।
इसके पश्चात कथा व्यास पं. महेन्द्र प्रसाद दुबे (मगरोन वाले) ने संगीतमय शैली में श्रीमद्भागवत महापुराण के विभिन्न आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी प्रसंगों का वर्णन किया। उन्होंने गोलोकधाम में भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा जी की रासलीला, राधा जी द्वारा द्वारपाल को श्राप देने की कथा, भगवान शिव द्वारा माता सती को अमर कथा सुनाए जाने, भगवान सुखदेव जी के जन्म, माता सती द्वारा भगवान श्रीराम की परीक्षा लेने तथा श्रीमद्भागवत कथा की उत्पत्ति सहित अनेक प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया।
कथा व्यास ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण केवल धार्मिक ग्रंथ ही नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाला आध्यात्मिक मार्गदर्शक है। इसके प्रसंग मनुष्य को भक्ति, धर्म, संस्कार, सदाचार, सेवा, करुणा और मानवता के मूल्यों को आत्मसात करने की प्रेरणा देते हैं। कथा श्रवण से मनुष्य को आत्मिक शांति के साथ अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने की प्रेरणा मिलती है। आयोजक परिवार ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से किया जाएगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से सपरिवार कथा स्थल पर उपस्थित होकर कथा श्रवण करने और भगवान श्रीकृष्ण की भक्तिं एवं आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ प्राप्त करने का आग्रह किया है।
श्रीमद्भागवत कथा की मुख्य यजमान श्रीमती कुसुमलता तिवारी एवं सरिता-मनोज कुमांर तिवारी तथा स्वाति-विनोद तिवारी ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
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