पितृ पक्ष में 250 बटुकों को भोजन कराकर करें पितरों का स्मरण, श्री गणेश संस्कृत महाविद्यालय की पहल
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पितृ पक्ष में 250 बटुकों को भोजन कराकर करें पितरों का स्मरण, श्री गणेश संस्कृत महाविद्यालय की पहल
5,100 के न्यूनतम सहयोग से करा सकेंगे बटुक भोज, वैदिक विधि से होगा पितृ स्मरण
गढ़ाकोटा। पितृ पक्ष को सेवा, संस्कार और पितृ स्मरण से जोड़ने की पहल गढ़ाकोटा में की गई है। सोनभद्र नदी के तट स्थित प्राचीन श्री गणेश मंदिर परिसर में संचालित श्री गणेश संस्कृत महाविद्यालय में अध्ययनरत करीब 250 ब्रह्मचारी बटुक बालकों को पितृ पक्ष के दौरान भोजन कराने का अवसर श्रद्धालुओं को दिया जा रहा है। इसके माध्यम से लोग अपने दिवंगत माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी एवं अन्य परिजनों की स्मृति में बटुक सेवा कर सकेंगे।
पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव द्वारा संचालित है विद्यालय
श्री गणेश संस्कृत महाविद्यालय पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव द्वारा संचालित किया जा रहा है। विद्यालय में अध्ययनरत बटुक बालकों के आवास, भोजन, गणवेश, पाठ्य सामग्री तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं गोपाल भार्गव द्वारा निजी स्तर पर की जाती हैं। विद्यालय शासन से मान्यता प्राप्त है, लेकिन किसी प्रकार की शासकीय सहायता नहीं ली जाती।
महाविद्यालय में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए करीब 250 ब्रह्मचारी बटुक बालक अध्ययनरत हैं। यहां उन्हें संस्कृत, वेद, पुराण एवं कर्मकांड के साथ अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, कंप्यूटर सहित आधुनिक विषयों की शिक्षा भी दी जा रही है। इनमें कुछ ऐसे बालक भी हैं, जिनके माता-पिता नहीं हैं।
5,100 से 250 बटुकों का भोजन
पितरों की स्मृति में श्रद्धालु 250 बटुक बालकों को भोजन करा सकते हैं। इसके लिए न्यूनतम सहयोग राशि ?5,100 निर्धारित की गई है। श्रद्धालु अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार इससे अधिक राशि अथवा भोजन में उपयोग होने वाली आवश्यक सामग्री का भी सहयोग कर सकते हैं।
भोजन की तिथि और मेन्यू विद्यालय को कम से कम दो दिन पहले बताना होगा। बटुकों को विद्यालय से बाहर ले जाना संभव नहीं होने के कारण भोजन विद्यालय परिसर में ही कराया जाएगा। श्रद्धालु स्वयं उपस्थित होकर बटुक बालकों को भोजन भी करा सकते हैं। सहयोग राशि जमा करने पर विधिवत रसीद प्रदान की जाएगी।
नाम, गोत्र के साथ होगा पितृ स्मरण
जो श्रद्धालु अपने पितरों की स्मृति में यह सेवा करना चाहते हैं, वे सहयोग राशि के साथ दिवंगत परिजन का नाम, गोत्र और निवास स्थान भी उपलब्ध करा सकते हैं। इसके आधार पर बटुक बालकों द्वारा वैदिक विधि से नाम का उच्चारण करते हुए मंत्र-जाप, तर्पण एवं पितृ स्मरण किया जाएगा।
विद्यालय की ओर से संदेश दिया गया है एक भोजन—250 बटुकों की सेवा, एक संकल्प—अपने पितरों का स्मरण। श्री गणेश संस्कृत विद्यालय, गढ़ाकोटा, जिला सागर (म.प्र.) ने पितृ पक्ष के अवसर पर श्रद्धालुओं से सेवा एवं पितृ स्मरण के इस पुनीत संकल्प से जुड़ने का आग्रह किया है।
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