समावेशी शिक्षा से ही साकार होगा समान अवसरों का संकल्प : अरविंद जैन
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समावेशी शिक्षा से ही साकार होगा समान अवसरों का संकल्प : अरविंद जैन
संभव मार्गदर्शिका प्रशिक्षण का जिला शिक्षा अधिकारी ने किया निरीक्षण, शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का दिया आश्वासन
सागर उदय संवाददाता, सागर
प्रत्येक बच्चे को उसकी क्षमता, आवश्यकता और परिस्थिति के अनुरूप शिक्षा का समान अवसर उपलब्ध कराना ही समावेशी शिक्षा का मूल उद्देश्य है। इसी संकल्प को विद्यालयों में साकार करने के उद्देश्य से स्वीडिश मिशन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में 3 से 5 नवंबर तक जिले के शासकीय विद्यालयों के शिक्षकों का तीन दिवसीय संभव मार्गदर्शिका आधारित समावेशी शिक्षा प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दूसरे दिन 4 नवंबर को जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने प्रशिक्षण स्थल का निरीक्षण कर शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का आश्वासन देते हुए कहा कि शिक्षक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सर्वप्रथम व्यक्तिगत रूप से कार्यालय में संपर्क कर अपनी बात रखें, ताकि उनका प्राथमिकता से निराकरण किया जा सके। उन्होंने समावेशी शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रत्येक विद्यालय में इसकी अवधारणा को व्यवहार में उतारना आवश्यक है। इस दृष्टि से प्रशिक्षण शिक्षकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एवं अनिवार्य है।
प्रशिक्षण में जिला नोडल अधिकारी हरिओम तिवारी तथा मास्टर ट्रेनर आलोक गुप्ता, राघवेंद्र सिंह ठाकुर एवं पुरुषोत्तम दुबे द्वारा शिक्षकों को समावेशी शिक्षा की अवधारणा, दिव्यांग विद्यार्थियों के शैक्षिक अधिकारों, उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं तथा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं एवं संसाधनों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है।
जिला नोडल अधिकारी हरिओम तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में समावेशी शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसका मूल भाव है कि कोई भी बच्चा अपनी शारीरिक अथवा अन्य विशिष्ट आवश्यकताओं के कारण शिक्षा की मुख्यधारा से वंचित न रहे। शासन द्वारा दिव्यांग विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की छात्रवृत्तियां, भत्ते एवं सहायक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। प्रशिक्षित शिक्षक इन सुविधाओं की जानकारी विद्यार्थियों तक पहुंचाने के साथ-साथ विद्यालयों में ऐसा संवेदनशील एवं सहयोगी वातावरण विकसित कर सकेंगे, जिसमें प्रत्येक विद्यार्थी को सीखने और आगे बढ़ने का समान अवसर मिले।
प्रशिक्षण में सहभागिता कर रहे शिक्षकों ने इसे अपने व्यावसायिक कौशल एवं शैक्षिक दृष्टिकोण को समृद्ध करने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया। इस अवसर पर शिक्षक मनोज नेमा एवं मुकेश कुमार ने मास्टर ट्रेनर्स की विषयगत दक्षता एवं प्रशिक्षण शैली की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों से पूर्ण गंभीरता और सक्रियता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने का आह्वान किया।
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