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संभाग स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिता का हुआ भव्य आयोजन, महिला व पुरुष वर्ग के अलग अलग मुकाबलों में सागर की टीमें विजेता

खेल के साथ पढ़ाई में संतुलन तथा जीवन में अनुशासन है उज्ज्वल भविष्य की कुंजी : प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता

सागर उदय संवाददाता, सागर

शासकीय कला एवं वाणिज्य (अग्रणी) महाविद्यालय, सागर के खेल परिसर मैदान पर आयोजित संभाग स्तरीय महिला एवं पुरुष फुटबॉल प्रतियोगिता अत्यंत रोमांचक माहौल और भव्य पुरस्कार वितरण समारोह के साथ ऐतिहासिक सफलता के साथ संपन्न हुई। इस प्रतिष्ठित स्पर्धा में संभाग भर से आईं विभिन्न टीमों ने अपनी उच्च कोटि की खेल प्रतिभा, तकनीकी दक्षता, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल भावना का अनूठा प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता के भव्य समापन एवं पुरस्कारं वितरण समारोह में उच्च शिक्षा विभाग सागर संभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ. रामकुमार गोस्वामी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में महाविद्यालय की प्रशासनिक अधिकारी डॉ. इमराना सिद्दीकी, वरिष्ठ प्राध्यापक तथा रानी अवंती बाई लोंधी विश्वविद्यालय के डीन डॉ. विनय कुमार शर्मा, खेलकूद व शारीरिक शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ सत्यनारायण लड़िया तथा फुटबॉल विशेषज्ञ एरिक कुजूर की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान सागर नगर के प्रसिद्ध खेल प्रेमी वीनू शमशेर जंग बहादुर राणा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

पुरस्कार वितरण एवं समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. रामकुमार गोस्वामी ने कहा कि जो बच्चे आज प्रतियोगिता में जीते हैं, उनके लिए बहुत-बहुत बधाई! और जो बच्चे जीत से थोड़ा दूर रह गए, उनके लिए यह अपने खेल को सुधारने और कमियों का अवलोकन करने का एक सुनहरा मौका है। यदि आप अपना आत्मविश्वास बनाए रखेंगे, तो न केवल आगे जीतेंगे, बल्कि जीवन के अन्य अवसरों पर भी हर चुनौती का सामना दृढ़ संकल्प के साथ करेंगे। हार-जीत तो खेल के पहलू हैं; संघर्ष ही जीवन है और अंततोगत्वा हमें कामयाब होना है।

महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का सबसे सशक्त माध्यम हैं। यह केवल शारीरिक ऊर्जा का प्रदर्शन नहीं हैं, बल्कि यह विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और विपरीत परिस्थितियों से जूझने का अदम्य साहस विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे विद्यार्थियों के चेहरों की चमक यह बता रही है कि उन्होंने खेल को अपने जीवन में पूरी तरह आत्मसात कर लिया है। आप सब जीवन में खूब खेलें, खूब आगे बढ़ें और स्वस्थ व प्रसन्न रहें। खेल के साथ-साथ पढ़ाई भी उतनी ही आवश्यक है, इसलिए अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए दोनों में संतुलन बनाए रखें।

 प्रशासनिक अधिकारी डॉ. इमराना सिद्दीकी ने कहा कि अनुशासन और आपसी तालमेल ही किसी भी टीम की जीत का असली आधार होते हैं, जबकि प्राध्यापक डॉ. विनय कुमार शर्मा ने कहा कि इस तरह की खेल स्पधार्एं विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा और महाविद्यालय का नाम रोशन करने का गौरव जागृत करती हैं। अतिथियों ने विजेता एवं उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को मेडल, प्रमाण पत्र और ट्राफियां प्रदान कर सम्मानित किया।

महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ संदीप सबलोक ने बताया कि इस प्रतियोगिता का सबसे बड़ा आकर्षण महिला वर्ग का मुकाबला रहा, जो सागर और दमोह जिले की टीमों के बीच बेहद कड़े संघर्ष के साथ खेला गया। निर्धारित समय तक दोनों टीमें गोल करने के लिए जूझती रहीं और मुकाबला 0-0 की बराबरी पर समाप्त हुआ। मैच का निर्णय पेनल्टी शूटआउट (टाई-ब्रेकर) के जरिए हुआ। अत्यधिक दबाव के इस क्षण में 12वीं पेनल्टी किक पर सागर की प्रतिभावान गोलकीपर जिया गौड़ ने शानदार और निर्णायक गोल दागकर अपनी टीम को ऐतिहासिक व रोमांचक जीत दिलाई। जिया गौड़ का यह असाधारण प्रदर्शन पूरे टूनार्मेंट में मुख्य चर्चा का विषय रहा।

पुरुष वर्ग के खिताबी मुकाबले में सागर और दमोह की टीमें आमने-सामने थीं। मैदान पर खिलाड़ियों की तेज रफ्तार, शानदार पासिंग और आक्रामक रणनीति देखने लायक थी। इस महामुकाबले में सागर जिले के कप्तान शबन वाल्मीकि ने अपने जादुई खेल कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शानदार हैट्रिक  के साथ लगातार तीन गोल जड़ दिए। कप्तान शबन वाल्मीकि की इस आक्रामक शैली ने पलक झपकते ही मैच का रुख पूरी तरह सागर के पक्ष में मोड़ दिया। सामूहिक प्रयासों और कप्तान की इस अद्भुत हैट्रिक के दम पर सागर ने दमोह को परास्त कर पुरुष वर्ग की चैंपियन ट्रॉफी पर भी कब्जा जमाया।

महाविद्यालय के क्रीड़ा अधिकारी डॉ. दयाराम राजपूत के निरंतर प्रयासों से महिला खिलाड़ियों को फुटबॉल जैसे चुनौतीपूर्ण खेल में अपनी प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन मंच प्राप्त हुआ है। महिला खिलाड़ियों का यह उत्साह और समर्पण महाविद्यालय में खेल संस्कृति के विस्तार का स्पष्ट प्रमाण है।

इससे पूर्व प्रतियोगिता का उद्घाटन सत्र क्षेत्रीय खेल अधिकारी श्रीमती शर्मिला डाबर के मुख्य आतिथ्य तथा शासकीय स्वशासी कन्या महाविद्यालय की क्रीड़ा अधिकारी डॉ. मोनिका हार्डीकर की विशिष्ट उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. सरोज गुप्ता द्वारा की गई। अतिथियों के स्वागत और परिचय के साथ शुरू हुए इस सत्र में प्राध्यापकों और खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया।

कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. अजय व्यास द्वारा किया गया, जबकि आभार प्रदर्शन क्रीड़ा अधिकारी डॉ. दयाराम राजपूत ने किया। इस सफल आयोजन में निर्णायक मंडल के सदस्य शिरिल, गर्व एवं एम.एल. यादव के साथ-साथ रेनू सोलंकी, डॉ. संदीप सबलोक, डॉ. अभिषेक गोयल, डॉ. जितेंद्र राजपूत, प्रज्ञा दुबे, शैलेंद्र राजपूत, आयुष बड़कुल, देव कृष्णा नामदेव, प्रमोद सेन, जीतू चौरसिया, भगवत प्रसाद, देवेंद्र एवं आकाश सहित संपूर्ण महाविद्यालय परिवार का विशेष सहयोग रहा।

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